*अभंग काव्य प्रकार*
*विषय-चालु घडामोडी*
किती महागाई। पाऊस पडेना।
पीकही पीकेना। अवर्षण ॥
चिंतातूर झाला। शेतकरी राजा।
मिळतेय सजा। सर्वाघरी ॥
शेतमाल भाव । झाला खूप कमी।
सरकारी हमी। कोरडीच॥
रिते आश्वासन। शासना रे देते।
पाठ भिरविते। हटकून ॥
पेट्रोलचे भाव। गगनाला गेले।
त्रस्त जन झाले। सर्वजण॥
महागाई झाली। येईना शासना।
जाग रे शासना। आतातरी॥
जि.एस.टी. टॅक्स। सि.एस.टी आहे।
इनकम पाहे। नेटवर॥
विठुराया ये रे। धाव बा विठ्ठला।
भाव दे मालाला। आतातरी।
थकला रे जीव। मोडली कंबर।
कर कटेवर। काढआता।
मरमर केली। उभ्या आयुष्यात।
नको आता घात। देवराया॥
*कवयित्री-मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे*
*ता.जि.वाशिम*
व्वा...
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