Friday, 27 July 2018

निरजा काव्य प्रकार

*निरजा काव्य प्रकार*

*विषय-निर्भय मन*

शाळा शिकून झाले
   निर्भय मन
     सावित्री
     ज्योतिबा
   नमन तुम्हां
धन्य जीवन झाले ...१

निर्भय मन माझे
    शोधते सत्य
      विश्वास
       मैत्री
   मांडते मत
ओळखून मन तुझे....२

सावित्रीने वसा घेतला
   केले स्वतःचे
      निर्भय
        मन
   उपसले कष्ट
दिप ज्ञानाचा पेटला....३

कधी हरली नाही
  जीवनाचे वाटे
      निर्भय
        मन
    करून मुलीस
शिकवणी हटवली नाही....४

लढत राहिली निकराने
   उत्साह माऊलीचा
       निर्भय
        मन
    करून ध्येय
गाठले स्व हिंमतीने.....५

ज्योतीबाचा साऊला आधार
    काढल्या शाळा
      निर्भय
      मन
   ठेवून केले
घेतली नाही माघार.....६

ज्योतीने ज्योत पेटवीली
    पहिली शिक्षिका
      निर्भय
       मन
   करून साऊने
लेकींना सा-या शिकवीली....७

*कवयित्री-मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे*
*जि.प.वरिष्ठ प्राथमिक शाळा सुकळी*
*ता.जि.वाशिम*

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